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चलो सपनों में मिलते हैं Chalo Khwabon Me Chalty Hain


चलो सपनों में मिलते हैं
कि नींद बांट लेते हैं
ज़माने की नज़र से दूर जाकर घूम आते हैं
नई दुनिया बसाते हैं
जहां न कोई रोकने वाला
न टोकन वाला हो
न कोई डर दुनिया
न कोई डर समय का
जहां बारिश प्यार
हमें मदहोश कर जाए
तुम्हारे सामने हूँ
हमारे सामने तुम हो
चलो इस जिंदगानी में
अमर कर अपनी कहानी को
तो सपनों में मिलते हैं

प्यार ओढ़ लेते हैं...!!!

सुबह आहें भर लेंगे हम Subha Aahain Bhar Laingy Hum


सुबह आहें भर लेंगे हम
रात को नाले करेंगे हम
मस्त रहो तुम हाल में
तुम बिन हम जी न सकेंगे

फिर भी कहो तो खुश खुश जी लें
सोच सको तो बिगड़ा है
देख सको तवा देखो ना
अब बहुत कुछ हो सकता है

रात कोई पहलू में था मेरे
सुबह से लेकिन पहले
इक एक अब पूछ रहीं हूँ

तुम तो नहीं थे तुम तो नहीं थे...!!!